A2Z सभी खबर सभी जिले कीगढ़वागुमलाजमशेदपुरझारखंडधनबादबोकारोरामगढ़सरायकेला

सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

IMG 20250806 WA0427 IMG 20250806 WA0425

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय शिबू सोरेन के निधन पर सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर के नेतृत्व में यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। 4 अगस्त को शिबू सोरेन के निधन की सूचना से शोकाकुल विश्वविद्यालय परिवार ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन से की गई, जिसके उपरांत दिवंगत शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्वर्गीय ‘दिसोम गुरु’ को नम आंखों से याद किया।

कार्यक्रम में उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शम्स तबरेज खान ने शिबू सोरेन के जीवन संघर्षों को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड को एक अलग राज्य का दर्जा दिलाने में स्वर्गीय शिबू सोरेन की भूमिका अविस्मरणीय रही है। उन्होंने साहूकारों, दलितों, पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए लड़े गए उनके संघर्षों पर विशेष प्रकाश डाला। डॉ. खान ने बताया कि उन्होंने स्वयं उन आंदोलनों में हिस्सा लिया था, जब शिबू सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के लिए आंदोलन करते हुए कई बार जेल भी जाना पड़ा था।

सभा में कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने शिबू सोरेन को एक जननेता, आदिवासी समाज के मसीहा और झारखंड की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनेता थे, बल्कि एक विचार थे, जिन्होंने सदैव वंचितों की आवाज को बुलंद किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. जैनेन्द्र यादव, वित्त सलाहकार ब्रिज नंदन ठाकुर, प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जयकुमार शाह सहित अन्य अधिकारियों ने अपने विचार रखे और स्वर्गीय शिबू सोरेन को नमन किया। वक्ताओं ने झारखंड आंदोलन के ऐतिहासिक क्षणों को साझा किया और कहा कि शिबू सोरेन का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारी, विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभा का समापन शांति और एकजुटता के संकल्प के साथ किया गया।

 

Back to top button
error: Content is protected !!